Hindi VarnmalaBy Team Handyapps
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A little story time

The app's six stories and five rhymes, ready to read together. Optional speech needs a local Hindi device voice.

Sound is off.

प्यासा कौआStory

गर्मी के दिन थे। सूरज आसमान में तप रहा था। एक कौआ बहुत प्यासा था। वह पानी की तलाश में इधर-उधर उड़ता रहा। तभी उसे नीचे एक घड़ा दिखा। कौआ खुशी से नीचे उतरा। पर घड़े में पानी बहुत नीचे था। कौए की चोंच पानी तक नहीं पहुँच रही थी। कौआ थोड़ी देर सोचता रहा। फिर उसने पास पड़े छोटे-छोटे कंकड़ देखे। कौए ने एक-एक करके कंकड़ घड़े में डाले। धीरे-धीरे पानी ऊपर आने लगा। कौए ने मज़े से पानी पिया और उड़ गया। सीख: हिम्मत और अक्ल से हर रास्ता मिलता है।

चतुर खरगोशStory

एक जंगल में एक क्रूर शेर रहता था। वह रोज़ जानवरों को डराता था। सब जानवर बहुत परेशान थे। एक दिन सबने मिलकर तय किया कि रोज़ एक जानवर खुद शेर के पास जाएगा। एक दिन एक बूढ़े खरगोश की बारी आई। खरगोश जानबूझकर देर से पहुँचा। शेर गुस्से से दहाड़ा। खरगोश बोला - महाराज, रास्ते में एक और शेर मिला, वह कहता है वही असली राजा है। शेर क्रोध में बोला - मुझे उसके पास ले चलो। खरगोश उसे एक गहरे कुएँ के पास ले गया और बोला - वह शेर इसी में रहता है। शेर ने कुएँ में झाँका। पानी में उसे अपनी परछाईं दिखी। दहाड़ता हुआ शेर कुएँ में कूद पड़ा। जंगल में सबने चैन की साँस ली। सीख: अक्ल बल से बड़ी है।

कछुआ और खरगोशStory

एक खरगोश अपनी तेज़ दौड़ पर बहुत घमंड करता था। वह धीमे कछुए का मज़ाक उड़ाता था। एक दिन दोनों में दौड़ की शर्त लगी। दौड़ शुरू होते ही खरगोश तेज़ी से आगे निकल गया। कछुआ धीरे-धीरे चलता रहा। थोड़ी दूर जाकर खरगोश ने सोचा - कछुए को आने में बहुत समय लगेगा, क्यों न थोड़ी देर सो लूँ। वह एक पेड़ के नीचे सो गया। कछुआ बिना रुके चलता रहा और सोते हुए खरगोश से आगे निकल गया। जब खरगोश की आँख खुली, तो कछुआ जीत की रेखा के पास था। खरगोश तेज़ दौड़ा, पर अब देर हो चुकी थी। कछुआ दौड़ जीत गया। सीख: रोज़ की मेहनत और लगन जीतती है।

लालची कुत्ताStory

एक कुत्ते को कहीं से एक रोटी मिली। वह रोटी मुँह में दबाए खुशी-खुशी घर जा रहा था। रास्ते में एक नदी पर पुल आया। पुल से गुज़रते हुए उसने नीचे पानी में झाँका। पानी में उसे अपनी परछाईं दिखी। परछाईं के मुँह में भी रोटी थी। लालची कुत्ते ने सोचा - क्यों न दूसरी रोटी भी ले लूँ। जैसे ही उसने दूसरी रोटी के लिए मुँह खोला, उसकी अपनी रोटी पानी में जा गिरी। कुत्ता खाली मुँह खड़ा रह गया। सीख: लालच बुरी बला है।

मेहनती चींटीStory

गर्मी के दिन थे। एक चींटी रोज़ सुबह से शाम तक काम करती थी। वह दाने उठाकर अपने घर में जमा करती जाती थी। पास ही एक टिड्डा रहता था। वह सारा दिन गाना गाता और खेलता रहता था। उसने चींटी से कहा - इतनी मेहनत क्यों करती हो, आओ गाना गाओ। चींटी बोली - सर्दी में काम नहीं होगा, अभी से खाना जमा कर रही हूँ। टिड्डा हँसकर उड़ गया। फिर सर्दी आई। चारों तरफ बर्फ़ थी, कहीं खाना नहीं था। टिड्डा भूखा ठिठुर रहा था। वह चींटी के घर गया। चींटी ने उसे खाना खिलाया और कहा - आज की मेहनत कल काम आती है। सीख: आज की मेहनत कल काम आती है।

सच्चा दोस्तStory

दो दोस्त थे। एक दिन दोनों जंगल के रास्ते कहीं जा रहे थे। अचानक सामने से एक भालू आ गया। दोनों डर गए। एक दोस्त जल्दी से पेड़ पर चढ़ गया। दूसरे को पेड़ पर चढ़ना नहीं आता था। उसने हिम्मत की और साँस रोककर ज़मीन पर लेट गया। भालू पास आया। उसने लड़के को सूँघा और चला गया। भालू के जाते ही पहला दोस्त पेड़ से उतरा और हँसकर पूछा - भालू तुम्हारे कान में क्या कह गया। दूसरा बोला - भालू कह गया कि मुसीबत में साथ छोड़ने वाला सच्चा दोस्त नहीं होता। सीख: मुसीबत में साथ देने वाला ही सच्चा दोस्त है।

मछली जल की रानीRhyme

मछली जल की रानी है, जीवन उसका पानी है। हाथ लगाओ डर जाएगी, बाहर निकालो मर जाएगी।

आलू कचालूRhyme

आलू कचालू बेटा कहाँ गए थे? बंदर की झोपड़ी में सो रहे थे। बंदर ने लात मारी, रो रहे थे।

चंदा मामाRhyme

चंदा मामा दूर के, पुए पकाएँ बूर के। आप खाएँ थाली में, मुन्ने को दें प्याली में।

ऊपर पंखा चलता हैRhyme

ऊपर पंखा चलता है, नीचे बच्चा सोता है। सोते-सोते भूख लगी, दूध-रोटी खाता है।

तितलीRhyme

तितली उड़ी, फूल पर बैठी। रंग-बिरंगे पंख फैलाए, बगिया में खुशियाँ लाई।

Traditional texts retold in the app. Read with an adult. Device speech is synthetic, not a recorded storyteller.

Keep learning in the app

Hindi letters, audio, guided tracing, barakhadi and numbers.
The Play listing describes offline learning for ages 3-8.

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